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बस यूँ ही किसी शून्य में खो जाना है ।

"बस यूँ ही किसी शून्य में खो जाना है ।" इस अनंत सागर में , जहाँ तुम देखती हो , तो मैं पलकें झुका लेता हूँ , और जब मैं देखता हूँ , तो अनंत सागर मुझ में कहीं समा जाता है ! . . सुना है कुछ खोखल...

बस पानी की तरह बहना ही तो है।

"बस पानी की तरह बहना ही तो है।" . . समय का चक्रव्यूह तो देखो, कभी इनसे दरियादिली तो सीखो, जो सव्यं कभी परवचन देते थे, मानों भीतर से खोखले हो गए हैं सब। . . क्या कहना इस अकेलेपन के बारे में? माना भीड़ का भाग हो तुम, पर इसी भीड़ में कहीं खो से गए हो तुम। इस बंजर बस्ती की प्रज्वाला से मानों, 'संस्कार' कहीँ लुप्त हो गए हो तुम! . . लिखते हैं आज साधू राम, तुम्हारी हस्ती कितनी हसीन है! खामोशियों की इस लड़ाई में, मानो भुजाएँ सब सिमटी हुई है। . . लिखते हैं आज, गौर से सोचना ज़रा, . . कौन तेरे कौन मेरे? फितरत में ही खोट सुनहरे, दो घूट मन के अंदर, चार अलफ़ाज़ मन के बाहर, कह रहे थे बस पानी की तरह बहना ही तो है! . . समय का चक्रव्यूह तो देखो, अब न इनसे कोई दरियादिली सीखे, जो सव्यं कभी परवचन देते थे, मानों भीतर से खोखले हो गए हैं सब। . बस पानी की तरह बहना ही तो है, किसी किश्ती को सहारा ही तो देना है! मेरी नहीं तो क्या हुआ, किसी और की सही! खोखले हो तो क्या हुआ? खोट तो हम में भी हैं! . मन में कहीँं प्यार नहीं तो क्या हुआ? कम से कम तकरार के रूप में ह...

"बयान"-Confession

"बयान" वैसे तो बेरुखी इस कदर है कि नाम सुनते ही जी कतराता है, पर फिर भी सुना है कुछ बदल से गए हो। अच्छा लगा जान कर अब डरते नहीं हो तुम!                                             ...

I need more land!- Hindi Trials

From the Platter : "Do pal soch ke toh Dekho!" दो गज ज़मीन के मालिक थे,एक बहुत पुरानी कहानी हैं ! बरसते नीलम और पवन का झौंका, फिर तोड़ गया इस खेल का सबसे बड़ा खिलाड़ी है ! देखो तुम भी ध्यान से, इस ज़मीन का बूढ़ा माली फिर सौ रहा है चैन से, सींचा है जिन्हें अपने लहु से: आए हैं  वही  लोग उसी माली के जनाज़े पर । यह मेरा,यह तेरा फितरत में ही खोट सुन्हरा काले अक्शर मन के अंदर, मानों जैसे सोच अविरल । दो तुकड़े कर बैठे हँसते हैं वहीं लोग जनाज़े पर  मानों जैसे रिशते झूटे बिकता है यहाँ तुकड़ा अविकल । नाजायज़ हैं यह लोग सारे मरते क्यों नहीं यह लोग सारे ? पैसा है जड़ मेरी ज़मीन है खुशियाँ मेरी अहम है सवाभिमान मेरा ईर्ष्या है,अस्त्र तेरा ! कहते है लोग सारे, जलूस मेरा नाचे सारे! आते हैं जनाजे़ पर मेरे हँसते हैं दुखों पर मेरे! जलता है सीना मेरा डरता है असिस्तत्व मेरा छिपता है काफिला सारा डरता है आँगन मेरा । चाहिए तुझे दो गज मेरे, मिट जाएगी यह मिट्टी मेरी धरती है यह सारी तेरी क्यों फिर बेच चला यह आँगन मेरा । " दो गज ज़मीन मेरी : चीख रहा है...

Broonie- the dog story!

“Broonie” On some days, I write words On others, I narrate stories! Here’s a story from The days: When I was learning to keep my head held high enough to part away from all the glories! Somewhere in the course of my journey, I met this mighty friend I don’t know what his name was But for sure he replied pretty well too – “ Broonie !” He has witnessed the unseen, explored the roads left untravelled by “ hoomans “ , hunted the huntsman pack and above all, he managed to keep his calm at the time of adversities! Somewhere in this rhythm of personification: Intentionally, I doubted his position and that’s when the ‘chacha’ passing by narrated the tales from his days of glory! No less than an armour, He wore his pride. He has seen thousands of faces passing by He has witnessed the places changing and weather of the mountains switching, He was parted from the family when he was just 5! Merely 5 days, When he was taken away Fighting street battles Learning the art of survival The...

I cannot Go On

A tale beyond odds She had too much to secure! The world is by her side The king had not too much to cry! She wished to cure people; He believed in the power of machines, Who thought one day this whole thing will turn into devil's dream! She had her reasons to believe She had experienced what's unseen He had too much to tell and She had not too much time left! That's how it started! That's how the tales roll of what is left unexplored. Mingled in the chains of what we call a dreadful end. She took her life and all we can do is to hi-five! If this isn't for her the blame is on us! I decided to give it worth a try Live my life king size! The curtains fall The medical entrance has always been a tough job. From then, he possesses too much to hide, His grief silently resides! From face to faces From human to ashes A humongous uproar Her ship sailing beyond the odds! He decided to give it a try She already bid him a " Goodbye "! ' I cannot Go On. ...

My Travel Story- एक रंगीन काफिला

"Hindi Trials" बाँध अपने बस्ते को मैं, चल पड़ा एक अनजान राह । कुरेदने उन इतिहास के पन्नों को, जहाँ गया न अभी तक कोई इनसान। मरने को तत्पर थे ख्याल, भरनी अभी थी ख्वाबों की उड़ान- मिलने को बाकी थी वो पलकें उन गालों से : सिमटी थी जिन गालों पर आँसुओं की धार । कहने को दूर हुआ था मैं भी छोड़ अपने सपनों की छाप दूर हुए थे मुझसे कुछ अपने आओ सुनाता हूँ एक तुम्हारे पते की बात । कहने को तो सब साथ है फिर क्यों पुछता तू यह सवाल है! "भाई एक लड़की का नंबर तो दिला?" "मान जाएगी क्या वो इस बार?" कहीं दूर इस सवाल से परे उठे मेरे मन में विचार : चल पड़ा मैं उस शहर से दूर जहाँ उठे थे तेरे होने पर सवाल । मिली थी आज वो "पलकें" इन गालों से जो ताकती थी कभी यह राह , पहेली तो छिपी थी उन नीली आँखों में, बसती थी जिन आँखों में मेरी राह ! नाम में रखा है क्या साहिब, अक्सर पूछती थी मेरी किताब । नाम में रखा है क्या साहिब, अक्सर पूछती थी मेरी किताब, एक मुसकुराहट देकर कहने लगी छीड़ी थी जो यह अलफाज़ों की आग नाम ही तो "नया" है पूराने तो थ...